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मौसम अपडेट: पहाड़ों पर भारी बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश का अलर्ट; कड़ाके की
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भारतीय मौसम अपडेट: कड़ाके की ठंड से मिलेगी राहत, पहाड़ों पर प्रलयकारी बर्फबारी और मैदानी
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उत्तर भारत में रिकॉर्ड तोड़ सर्दी, पहाड़ों पर भारी बर्फबारी और मैदानों में बारिश का
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मौसम का मिजाज: 16 जनवरी से पहाड़ों पर भारी बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश का अलर्ट

बर्फीली हवाओं के कारण उत्तर भारत में पारा गिरा; शीतलहर और पाले से जनजीवन प्रभावित

आज 13 जनवरी 2026 को उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में कड़ाके की ठंड का प्रकोप जारी है। उत्तर पाकिस्तान और लद्दाख से आने वाली बर्फीली हवाओं ने तापमान में भारी गिरावट दर्ज की है। अमृतसर, गंगानगर, चूरू और फतेहपुर जैसे इलाकों में न्यूनतम तापमान 1 से 2 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। कोहरे की तीव्रता में थोड़ी कमी आने से दिन में धूप तो निकल रही है, लेकिन ठंडी हवाओं के कारण गलन बरकरार है।

पहाड़ों पर बर्फबारी का नया दौर: 16 जनवरी से बदलेगा मौसम

मौसम विभाग के अनुसार, 15 जनवरी की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) हिमालयी क्षेत्रों में सक्रिय होने जा रहा है। इसका मुख्य प्रभाव 16 और 17 जनवरी को देखने को मिलेगा। इस दौरान जम्मू-कश्मीर, गिलगित-बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद और लद्दाख के ऊंचे पहाड़ों पर भारी हिमपात (Snowfall) होने की प्रबल संभावना है। यदि आप लाइव बर्फबारी देखने की योजना बना रहे हैं, तो श्रीनगर, गुलमर्ग और सोनमर्ग के लिए 16-17 जनवरी का समय सबसे उपयुक्त हो सकता है।

मैदानी राज्यों में पाला और ठंडी हवाओं का सितम

पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली में फिलहाल कड़ाके की सर्दी से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। खुले इलाकों में ‘पाला’ (Ground Frost) गिरने की संभावना बनी हुई है, जो रबी की फसलों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है। उत्तर प्रदेश के मेरठ, आगरा और कानपुर जैसे शहरों में न्यूनतम तापमान में और गिरावट आने के संकेत हैं। हालांकि, दिन में आसमान साफ रहने और धूप निकलने से अधिकतम तापमान में मामूली बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन शाम होते ही बर्फीली हवाएं फिर से ठिठुरन बढ़ा देंगी।

मध्य और दक्षिण भारत की स्थिति: कहीं बारिश तो कहीं ठंड

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के उत्तरी भागों में न्यूनतम तापमान में गिरावट जारी रहेगी, जिससे रातें और अधिक ठंडी होंगी। महाराष्ट्र के लिए मौसम थोड़ा अलग रहने वाला है; ‘कॉन्फ्लुएंस ज़ोन’ बनने के कारण पुणे, अहिल्याबाई नगर (अहमदनगर), सांगली और सतारा जैसे जिलों में हल्की बूंदाबांदी और बादल छाए रहने की संभावना है। दूसरी ओर, दक्षिण भारत के तमिलनाडु में पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश अब धीरे-धीरे कम हो जाएगी और मौसम शुष्क होने लगेगा।

उत्तराखंड और बिहार का पूर्वानुमान

उत्तराखंड के निचले इलाकों जैसे देहरादून, मसूरी और नैनीताल में मौसम शुष्क बना रहेगा। हैरानी की बात यह है कि केदारनाथ और बद्रीनाथ जैसे ऊंचे क्षेत्रों में अभी तक अपेक्षित बर्फबारी नहीं हुई है। बिहार और झारखंड में भी सुबह के समय घना कोहरा छाया रहेगा, जिससे दृश्यता (Visibility) प्रभावित हो सकती है। इन राज्यों में भी उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं के कारण ठंड का असर बना रहेगा।

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