फ्री लिमिट के बाद दूसरे बैंक के एटीएम इस्तेमाल करने पर जेब पर पड़ेगा अतिरिक्त बोझ; जानें क्या हैं नए चार्जेस
भारत के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपने करोड़ों ग्राहकों को बड़ा झटका देते हुए एटीएम (ATM) और ऑटोमेटेड डिपॉजिट कम विड्रॉल मशीन (ADWM) के जरिए होने वाले ट्रांजैक्शन शुल्कों में बदलाव किया है। बैंक ने उन ग्राहकों के लिए चार्ज बढ़ा दिया है जो अपनी निर्धारित फ्री लिमिट पूरी होने के बाद दूसरे बैंकों के एटीएम का इस्तेमाल करते हैं। यह बदलाव पिछले साल फरवरी के बाद बैंक की ओर से की गई पहली बड़ी बढ़ोतरी है। बैंक का यह फैसला डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने और एटीएम के रखरखाव के खर्चों को संतुलित करने की दिशा में देखा जा रहा है।
नकद निकासी पर अब देने होंगे ₹23 और जीएसटी
एसबीआई द्वारा जारी नई अधिसूचना के अनुसार, अब ग्राहकों को दूसरे बैंकों के एटीएम से फ्री ट्रांजैक्शन की सीमा समाप्त होने के बाद हर बार नकद निकासी (Cash Withdrawal) पर ₹23 का शुल्क और उस पर लागू जीएसटी (GST) देना होगा। इससे पहले यह शुल्क ₹21 और जीएसटी निर्धारित था। इस बढ़ोतरी का सीधा असर उन ग्राहकों पर पड़ेगा जो अक्सर अन्य बैंकों के एटीएम का सहारा लेते हैं।
नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन भी हुए महंगे
केवल नकद निकासी ही नहीं, बल्कि बैलेंस इंक्वायरी या मिनी स्टेटमेंट जैसे नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन (Non-Financial Transactions) के लिए भी अब ग्राहकों को अधिक जेब ढीली करनी होगी। बैंक ने इसकी फीस ₹10 से बढ़ाकर ₹11 प्लस जीएसटी कर दी है। यह नियम उन सभी सेविंग्स और सैलरी अकाउंट होल्डर्स पर लागू होगा जो नॉन-एसबीआई एटीएम का उपयोग करते हैं।
फ्री ट्रांजैक्शन की सीमा में कोई बदलाव नहीं
राहत की बात यह है कि एसबीआई ने अपने रेगुलर सेविंग अकाउंट होल्डर्स के लिए हर महीने मिलने वाले फ्री ट्रांजैक्शन की संख्या में कोई बदलाव नहीं किया है। ग्राहक अभी भी सभी नॉन-एसबीआई एटीएम पर हर महीने पांच (5) फ्री ट्रांजैक्शन का लाभ उठा सकते हैं। इन पांच ट्रांजैक्शन में फाइनेंशियल (नकद निकासी) और नॉन-फाइनेंशियल (बैलेंस चेक आदि) दोनों तरह के व्यवहार शामिल हैं।
कब से लागू हुए ये नियम?
ध्यान देने योग्य बात यह है कि ये नए शुल्क 1 दिसंबर 2025 से ही प्रभावी हो चुके हैं। बैंक ने स्पष्ट किया है कि एटीएम और एडी डब्ल्यूएम मशीनों के जरिए होने वाले लेन-देन की बढ़ती लागत को देखते हुए यह संशोधन अनिवार्य था। ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे अतिरिक्त शुल्कों से बचने के लिए एसबीआई के ही एटीएम नेटवर्क का अधिक उपयोग करें या डिजिटल बैंकिंग माध्यमों को प्राथमिकता दें।

