वेस्टर्न डिस्टरबेंस के प्रभाव से बदलेगा हवाओं का रुख; उत्तर भारत से लेकर महाराष्ट्र तक के तापमान में होगी बढ़ोतरी
देशभर के मौसम में एक बड़ा और महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से उत्तर भारत में रिकॉर्ड तोड़ सर्दी और शून्य के करीब पहुंचे तापमान से अब जल्द ही राहत मिलने वाली है। स्काईमेट वेदर के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी बर्फीली हवाओं का चलना अब बंद हो जाएगा, जिससे न्यूनतम तापमान में वृद्धि होगी। एक के बाद एक आने वाले तीन शक्तिशाली वेस्टर्न डिस्टरबेंस (Western Disturbances) के कारण पहाड़ों पर भारी बर्फबारी और मैदानी राज्यों में बारिश की संभावना बनी हुई है।
पहाड़ों पर बर्फबारी का महासंकट: राजमार्ग हो सकते हैं बंद
हिमालयी क्षेत्रों में १६ जनवरी से ही वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर शुरू हो गया है। आने वाले दिनों में विशेषकर २३, २४ और २५ जनवरी को पहाड़ों पर ‘प्रलयकारी’ बर्फबारी होने की संभावना है। इसके कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग सहित अन्य महत्वपूर्ण मार्ग ब्लॉक हो सकते हैं। पर्यटकों को सलाह दी गई है कि वे इन तारीखों के आसपास पहाड़ों की यात्रा टाल दें, क्योंकि भूस्खलन (Landslides) और भारी हिमपात के कारण वे वहां फंस सकते हैं। श्रीनगर, कुल्लू-मनाली, शिमला और उत्तराखंड के ऊंचे पहाड़ों पर भारी बर्फ की चादर बिछने वाली है।
मैदानी राज्यों में बारिश और तापमान में बढ़ोतरी
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में १८ और १९ जनवरी को पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हल्की बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेंगी। इसके बाद २३ और २४ जनवरी को मूसलाधार बारिश का अनुमान है। दिल्ली का तापमान जो वर्तमान में २-३ डिग्री के आसपास है, वह अगले दो-तीन दिनों में बढ़कर ६-७ डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। राजस्थान में भी २३ तारीख से गंगानगर, बीकानेर और जैसलमेर जैसे इलाकों में बारिश शुरू होगी।
महाराष्ट्र और मध्य भारत: कम होगी सर्दी
महाराष्ट्र में भी अगले दो-तीन दिनों में सर्दी का जोर कम होने वाला है। दक्षिणी हवाओं के प्रभाव के कारण नंदुरबार, धुले, जलगांव, संभाजी नगर, अहिल्याबाई नगर और पुणे सहित अन्य इलाकों में न्यूनतम तापमान बढ़ेगा। हालांकि, इस वेदर सिस्टम के कारण महाराष्ट्र में बारिश की संभावना फिलहाल नहीं है, लेकिन ठंड से राहत जरूर मिलेगी। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में भी दो दिनों के बाद तापमान में वृद्धि दर्ज की जाएगी।
दक्षिण भारत: पूर्वोत्तर मानसून की विदाई
दक्षिण भारत के राज्यों में अब पूर्वोत्तर मानसून (North East Monsoon) लगभग समाप्त हो चुका है। कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में आने वाले कई दिनों तक बारिश की कोई संभावना नहीं है। मौसम पूरी तरह साफ रहेगा और तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी शुरू होगी, जिससे सर्दी कम होगी।

